कांट्रेक्ट कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ा
• अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य सचिव पीके चौधरी ने बुधवार को यहां सचिवालय के कमेटी रूम में एक बैठक की। इसमें 25 जुलाई, 2011 को मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में किए फैसलों पर एक्शन-टेकन रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
इसमें बताया गया कि रेगुलर कर्मचारियों के आरंभिक वेतन के अनुपात पर सीधे सर्विस में लिए कांट्रैक्ट कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला हो गया है। इस दिशा में निर्देश जल्द जारी होंगे। यानी अब बेसिक पे, ग्रेड पे और महंगाई भत्ते का 50 फीसदी न्यूनतम वेतन मिलेगा। हर साल जनवरी में इसकी समीक्षा होगी।
संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि बिजली निगमों में प्रोवीडेंट फंड घोटाले पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि कर्मचारियों का प्रोवीडेंट फंड और ईएसआई अंशदान उनके खातों में नियमित रूप से जमा कराना सुनिश्चित करें।
प्रवक्ता ने बताया कि निजी अस्पतालों में कैशलेस मेडिकल सुविधा देने की मांग पर मुख्य सचिव ने कहा कि जो प्राइवेट अस्पताल सरकार के पैनल पर नहीं हैं, उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे जान पर खतरे को देखते हुए कर्मचारियों का इलाज करें और पैसा जमा कराने को न कहें। सीवरमैन को जोखिम बीमा योजना की सुविधा देने की संभावना तलाशी जाएगी। मिड-डे मील वर्करों का मानदेय बढ़ाने का फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही कर चुके हैं। अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर मुख्य सचिव ने भरोसा दिया है कि संबंधित पहलुओं की जांच के बाद फैसला किया जाएगा।
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